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EPFO Face ID: अब धोखाधड़ी से बचेगा आपका पीएफ! चेहरा दिखाकर होगा लाइफ सर्टिफिकेट जमा, बुजुर्गों को मिली बड़ी राहत

ईपीएफओ ने पेंशनभोगियों और कर्मचारियों के लिए डिजिटल क्रांति ला दी है। अब सिर्फ चेहरे की पहचान से जीवन प्रमाण पत्र जमा होगा, जिससे फर्जी क्लेम की आशंका हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने की जरूरत नहीं, स्मार्टफोन से ही सब कुछ तय हो जाएगा।

फेस आईडी तकनीक का कमाल

यह नई व्यवस्था आधार से जुड़ी बायोमेट्रिक पहचान पर आधारित है। उमंग ऐप के जरिए कैमरा चालू करते ही चेहरा स्कैन हो जाता है। सिस्टम स्वतः आधार डेटा से जानकारी भर लेता है, जिससे गलतियां दूर रहती हैं। पहले डोरस्टेप वेरिफिकेशन या बैंक विजिट की मजबूरी थी, अब दो मिनट में काम बन जाता है। यह सुविधा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) जेनरेट करने से लेकर पेंशन अपडेट तक हर काम आसान बनाती है।

धोखाधड़ी रोकने का मजबूत हथियार

पीएफ खातों में फर्जीवाड़ा आम समस्या थी – नकली दस्तावेज या बिचौलियों के चक्कर में करोड़ों रुपये डूब जाते थे। फेस आईडी से लाइव स्कैन सुनिश्चित करता है कि व्यक्ति वही है जो दावा कर रहा। डुप्लीकेट यूएएन या गलत नाम-जन्मतिथि की दिक्कतें अब पुरानी बातें हैं। नतीजा? पीएफ फंड सुरक्षित, क्लेम प्रक्रिया तेज और भुगतान में देरी शून्य। लाखों कर्मचारियों को तुरंत पासबुक चेक करने और केवाईसी अपडेट का फायदा मिल रहा।

बुजुर्गों की परेशानी दूर

साठ पार के रिटायर्ड लोगों के लिए यह वरदान साबित हो रहा। हर साल नवंबर-दिसंबर में लाइफ सर्टिफिकेट जमा न होने से पेंशन रुक जाती थी। अब उमंग ऐप डाउनलोड कर आधार लिंक करें, ओटीपी वेरिफाई करें और चेहरा दिखाएं। हरा निशान मिलते ही एसएमएस आ जाता है – प्रमाण पत्र जमा। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बुजुर्गों को अब पोस्टमैन का इंतजार नहीं। डिजिटल इंडिया की यह सौगात लाखों परिवारों को सशक्त बना रही।

यूएएन जेनरेट करने की आसान विधि

  • सबसे पहले उमंग ऐप और आधार फेस आरडी ऐप प्ले स्टोर से इंस्टॉल करें।
  • ऐप खोलें, ईपीएफओ सर्विस चुनें और आधार नंबर व मोबाइल डालें।
  • सहमति दें, कैमरा ऑन करें – चेहरा सीधा रखें, लाइव स्कैन पूरा होने पर यूएएन जेनरेट।
  • एसएमएस से नंबर मिलेगा, तुरंत पासबुक डाउनलोड कर एक्सेस शुरू।
    यह प्रक्रिया नौकरी बदलने पर ऑटो ट्रांसफर और क्लेम सेटलमेंट को भी तेज करती। नियोक्ता की जरूरत खत्म, कर्मचारी स्वतंत्र।

व्यापक प्रभाव और भविष्य

इस बदलाव से 2025 तक करोड़ों यूएएन सक्रिय हुए। क्लेम में 50 प्रतिशत ऑटोमैटिक सेटलमेंट, बैंक वेरिफिकेशन बिना चेकलीफ के। अंतरराष्ट्रीय वर्कर्स को छोड़कर सभी के लिए अनिवार्य। आने वाले समय में वॉलंटियर्स घर-घर जाकर मदद करेंगे। पीएफ सिस्टम अब पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली। जल्द अपनाएं, परेशानी भूलें।